संगीत समारोहों का आकर्षण युवाओं के बीच हमेशा से रहा है, लेकिन नई पीढ़ी के साथ इनमें बदलाव आया है। एक शोधकर्ता के अनुसार, अब युवा संगीत कार्यक्रमों में केवल मौज-मस्ती या 'रैलीइंग' को महत्व नहीं देते। उनके लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य यानी वेलबीइंग अब अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि युवा अब उत्सवों के दौरान अपनी सेहत के प्रति अधिक जागरूक हैं। संगीत कार्यक्रमों का स्वरूप अब केवल शोर-शराबे तक सीमित नहीं रह गया है। शोध यह संकेत देता है कि युवा पीढ़ी अब संतुलित अनुभव की तलाश करती है। इस प्रकार, आधुनिक उत्सवों में कल्याण और स्वास्थ्य का पहलू प्रमुखता से उभर रहा है।
