इंडोनेशिया के कुछ मुस्लिम समुदायों में मुहर्रम को ‘अनाथों का महीना’ माना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर का यह पहला महीना है। इस महीने में, इंडोनेशिया में कई मस्जिदें, धार्मिक शिक्षा केंद्र और सामाजिक संस्थाएं अनाथों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करती हैं। धार्मिक मंत्रालय के अनुसार, यह प्रथा पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के अनाथों के प्रति प्रेम और करुणा से प्रेरित है। ऐतिहासिक रूप से, मुहर्रम का महीना शोक और स्मरण का भी महीना रहा है, विशेष रूप से कर्बला की घटना के कारण। हालांकि, अनाथों के प्रति ध्यान केंद्रित करने की प्रथा इंडोनेशिया में एक सकारात्मक सामाजिक परंपरा के रूप में विकसित हुई है। यह महीना सामुदायिक एकजुटता और जरूरतमंदों की मदद करने के महत्व को दर्शाता है।