युगांडा की उच्च न्यायालय ने एमटीएन युगांडा लिमिटेड को उसके पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक, रिचर्ड म्वामी को 2.3 अरब शिलिंग से अधिक का हर्जाना भरने का आदेश दिया है। अदालत ने पाया कि दूरसंचार कंपनी ने म्वामी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाया था, जो कि अरबों शिलिंग के एमटीएन मोबाइल मनी धोखाधड़ी मामले से जुड़ा था। म्वामी, जो पहले एमटीएन विलेज फोन के वरिष्ठ प्रबंधक थे, पर कंपनी ने गलत आरोप लगाए। यह फैसला म्वामी द्वारा दायर किए गए मुकदमे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने एमटीएन पर जानबूझकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया था। अदालत ने माना कि एमटीएन ने म्वामी को फंसाने के लिए पर्याप्त सबूतों के बिना मुकदमा दायर किया था। इस फैसले से कंपनी की छवि को झटका लगा है और भविष्य में इस तरह के मामलों में एक मिसाल कायम हुई है।