चाड में सूडानी शरणार्थियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के बाद, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने 18 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। एक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि MSF के कर्मचारी, जिनमें से कई ने गंभीर कदाचार किया, शरणार्थियों का यौन शोषण कर रहे थे। पीड़ितों में नाबालिग लड़कियां शामिल थीं, जिन्हें भोजन या नौकरी के बदले यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। MSF ने आरोपों को गंभीरता से लिया है और आंतरिक जांच शुरू की है। संगठन ने पीड़ितों को सहायता प्रदान करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। यह घटना शरणार्थी शिविरों में कमजोर आबादी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। MSF ने इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का वादा किया है।