कई सांसदों ने आगामी सत्र में संसद में न लौटने का संकेत दिया है, जिसके बाद उनके इस्तीफे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस इस्तीफे के कारण छह सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना है। इन उपचुनावों का सीधा असर लिबरल पार्टी की बहुमत पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनावों के परिणाम सरकार की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। विपक्ष इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयोग जल्द ही उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इन सीटों पर मतदाताओं का फैसला क्या होता है।