सांसद हसनत अब्दुल्ला ने उन आरोपों का खंडन किया है जिनमें उन पर पहले रिक्शा में यात्रा करने और अब गाड़ी में यात्रा करने का कटाक्ष किया गया था। ये आरोप जुलाई क्रांति से जुड़े लोगों द्वारा लगाए गए थे और सरकार के प्रभावशाली हलकों से आए थे। श्री अब्दुल्ला ने इस टिप्पणी पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए, सरकार द्वारा नियंत्रित डीजीएफआई, एनएसआई और पुलिस सहित सभी खुफिया एजेंसियों से जांच कराने की चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस्तीफे की पेशकश की है यदि आरोप सही साबित होते हैं। उनका कहना है कि यह कटाक्ष निराधार है और उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास है। इस मामले में आगे की जांच की मांग की जा रही है। यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
