मोज़ाम्बिक के पूर्व राष्ट्रपति फिलिपे न्युसी का मानना है कि सशस्त्र संघर्ष समाप्त हो चुका होता यदि आतंकवादी “अदृश्य दुश्मन” नहीं होते। उन्होंने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि संघर्ष का समाधान खोजने में कठिनाई का कारण आतंकवादियों की छिपी हुई प्रकृति है। न्युसी ने मपुतो में बोलते हुए कहा कि यदि आतंकवादियों की पहचान और ठिकाने स्पष्ट होते, तो उन्हें बेअसर करना और शांति स्थापित करना आसान होता। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि बाहरी हस्तक्षेप ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। न्युसी ने मोज़ाम्बिक में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए सभी हितधारकों के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि केवल तभी मोज़ाम्बिक इस संघर्ष से पूरी तरह उबर पाएगा और विकास के पथ पर अग्रसर हो पाएगा।