ल्यूबैक राजमार्ग पर एक वाहन खराब होने की स्थिति में, आमतौर पर व्यक्ति को स्वयं ही समस्या का समाधान करना होता है। लेखक को भी यही लगा था, लेकिन विपरीत अनुभव हुआ। वाहन खराब होने पर उन्हें अनजान लोगों से अप्रत्याशित रूप से भरपूर मदद मिली। लोगों ने न केवल सहायता प्रदान की, बल्कि एकजुटता का भी प्रदर्शन किया। इस दौरान, किसी ने टायर बदलने में मदद की, तो किसी ने अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की। लेखक का मानना है कि कभी-कभी एकजुटता दिखाने के लिए मामूली त्याग, जैसे कि टायर की कीमत चुकाना, भी आवश्यक हो सकता है। यह घटना राजमार्ग पर अक्सर देखी जाने वाली प्रतिस्पर्धा और स्वार्थ के विपरीत एक सकारात्मक अनुभव था।