एक नए अध्ययन से पता चला है कि मच्छर किसी को काटने के लिए बेतरतीब ढंग से नहीं चुनते। कुछ लोग मच्छरों को ज़्यादा आकर्षित करते हैं, जबकि कुछ को कम। यह आकर्षण रक्त समूह या भाग्य पर निर्भर नहीं करता, बल्कि शरीर से निकलने वाली गंध और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा जैसे कारकों पर आधारित होता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ लोगों की त्वचा में मौजूद रसायन मच्छरों को ज़्यादा पसंद आते हैं। त्वचा पर रहने वाले बैक्टीरिया की विविधता भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि ज़्यादा कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने वाले लोग मच्छरों को ज़्यादा आकर्षित करते हैं। यह जानकारी मच्छरों से बचाव के बेहतर तरीकों को विकसित करने में मदद कर सकती है।