मोरक्को द्वारा स्पेन को दिए गए खतरों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मोरक्को ने बार-बार कहा है कि सेउटा और मेलिला "कब्जा किए गए" शहर हैं। इसके साथ ही, मोरक्को ने स्पेन की प्रवासन नीति की आलोचना की है और प्रत्यर्पण समझौते को निलंबित करने की धमकी दी है। स्पेनिश सरकार ने इन आरोपों को नजरअंदाज किया है और मोरक्को को एक "विश्वसनीय भागीदार" बताया है। इस चुप्पी ने राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच चिंता पैदा कर दी है। यह तनाव दोनों देशों के बीच पहले से ही जटिल संबंधों को और खराब कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।