यह लेख “मौसम” नामक एक जटिल और परेशान करने वाले विषय पर केंद्रित है, जिसे लेखक ने शुरू में लिखने से परहेज किया था। लेखक का मानना है कि कुछ विषय स्थिर तालाबों के समान होते हैं जिनसे दूर रहना बेहतर होता है, लेकिन “मौसम” किसी को भी शांति से नहीं गुजरने देता। यह अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है, घेर लेता है, और सम्मान की मांग करता है। लेख में विरासत के नाम पर उत्पीड़न और मजबूर सहमति का भाव व्यक्त किया गया है। यह मोरक्को में कुछ रीति-रिवाजों के आसपास के दबाव और जटिलताओं को दर्शाता है, और लेखक के आंतरिक संघर्ष को उजागर करता है कि इस विषय पर कैसे लिखा जाए। लेख “हिसप्रेस” नामक एक मोरक्कन इलेक्ट्रॉनिक समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ है।