वर्ष 2026 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 4.6% रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी कम है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह दर 5% थी। कृषि क्षेत्र में मजबूत उछाल ने आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, गैर-कृषि क्षेत्र में मंदी देखी गई है, जिससे निवेश की गति धीमी हुई है। आयात का दबाव भी वृद्धि दर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। कुल मिलाकर, आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन विकास के इंजन कमजोर हो रहे हैं। यह जानकारी 'मीडिया24' नामक एक आर्थिक समाचार स्रोत से प्राप्त हुई है।
