हाल ही में हुए जबारूत लीक मामले में, पहले अल्जीरिया पर संदेह जताया जा रहा था, लेकिन अब जांच में मोरक्को के पूर्व खुफिया एजेंटों की संलिप्तता सामने आई है। लगभग 70,000 मोरक्को के सुरक्षा और खुफिया एजेंटों के नाम उजागर हुए हैं, जो पूरे यूरोप में खुफिया मिशनों पर कार्यरत थे। यह साइबर हमला मोरक्को की आंतरिक खुफिया एजेंसी के पूर्व सदस्यों द्वारा किया गया प्रतीत होता है। इस डेटा लीक से एजेंटों की पहचान उजागर हो गई है और उनकी सुरक्षा को खतरा है। घटना 24 अगस्त को सामने आई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। इस मामले ने मोरक्को की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लीक हुए डेटा में एजेंटों के विवरण शामिल हैं जो विभिन्न यूरोपीय देशों में खुफिया गतिविधियों में शामिल थे।