मोरक्को के लेखक अब्दुल मजीद सबाटा के उपन्यासों पर इतिहासकारों और साहित्यकारों ने गहन चर्चा की। सबाटा को मोरक्को पुस्तक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनका एक उपन्यास ‘बुकर अरबी’ पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट हुआ था, जबकि दो उपन्यास लंबी सूची में शामिल थे। यह चर्चा ‘रबात की पुस्तक सोसायटी’ द्वारा रबात के सांस्कृतिक संचार केंद्र में आयोजित की गई थी। इतिहासकार अब्दुल अहद सबती ने उपन्यास “फी…” पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि सबाटा का लेखन आधुनिक साहित्य में एक ताज़ा और जटिल दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उनकी रचनाएँ कथात्मक प्रयोगों का एक भूलभुलैया हैं, जो पाठकों को आकर्षित करती हैं।