मोरांडी पुल त्रासदी के लगभग आठ साल बाद और मुकदमे की शुरुआत के चार साल बाद, जियोवानी कैस्टेलुची को 12 साल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला पुल ढहने की घटना से जुड़े आपराधिक आरोपों के संबंध में आया है। कैस्टेलुची, जो ऑटोस्पेड नामक कंपनी के पूर्व CEO हैं, को पुल के रखरखाव में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया था। इस त्रासदी में 43 लोगों की जान चली गई थी, जिससे इटली में व्यापक शोक और आक्रोश फैल गया था। अदालत ने माना कि अनुचित निरीक्षण और रखरखाव के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप उसका पतन हुआ। यह फैसला पीड़ितों के परिवारों के लिए कुछ हद तक न्याय का प्रतीक है, लेकिन दुखद घटना की क्षति अपूरणीय है। मामले में अभी भी अन्य आरोपियों पर सुनवाई चल रही है।