मोंटेनेग्रो सरकार द्वारा घोषित संप्रभु निधि को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निधि वास्तविकता में तब्दील नहीं हो पाएगी और केवल एक घोषणा मात्र रह जाएगी। अतीत में किए गए इसी तरह के वादों के विफल होने के अनुभवों को देखते हुए, इस निधि की सफलता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि सरकार ने पिछली गलतियों से कोई सीख नहीं ली है। यह निधि देश के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती थी, लेकिन इसकी व्यवहार्यता पर संदेह बना हुआ है। फिलहाल, यह देखना होगा कि सरकार इस बार अपने वादे को पूरा करने में सफल रहती है या नहीं। इस निधि का भविष्य अनिश्चित है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
