फ़्रांस के मों ब्लांक पर्वत की ऊंचाई में पिछले एक वर्ष में एक मीटर से ज़्यादा की कमी आई है। जलवायु परिवर्तन के कारण यह कमी आई है, जिससे अल्पाइन क्षेत्र में ग्लेशियर पिघल रहे हैं। अब मों ब्लांक की ऊंचाई 4,807.47 मीटर मापी गई है, जो कि पहले से कम है। वैज्ञानिक इस कमी को बारीकी से देख रहे हैं और उन्होंने अन्य बदलाव भी देखे हैं। मों ब्लांक, पश्चिमी यूरोप का सबसे ऊँचा पर्वत है, और इसकी ऊंचाई हर साल बदलती रहती है। यह घटना जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की एक स्पष्ट चेतावनी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस प्रवृत्ति के जारी रहने की संभावना है।