पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जल दुर्घटनाओं में 22% की वृद्धि हुई है। इस वर्ष अब तक 84 दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें 50 लोगों की जान गई है, जिनमें 19 बच्चे शामिल हैं। राष्ट्रीय आपातकालीन आयोग के प्रमुख के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में जल दुर्घटनाओं के कारण कुल 464 लोगों की जान गई है, जिनमें 105 बच्चे थे। दुर्घटनाओं के मुख्य कारण नदियों में तैरना, वाहनों में यात्रा करते समय, बच्चों की लापरवाही, शराब का सेवन और नावों से गिरना है। सबसे अधिक दुर्घटनाएँ उलानबटार, सेलेनगे, खोव्सगोल, उव्स, डोरनोड और बायान-ओल्गी क्षेत्रों में हुई हैं। आपातकालीन सेवाओं ने 139 लोगों की जान बचाई है और सहायता प्रदान की है। जल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 399 खतरनाक स्थानों की पहचान की गई है और रोकथाम टीमें तैनात की गई हैं।