प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर विश्वास की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज विश्वास के संकट से जूझ रही है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रभावित हो रहा है। मोदी ने देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने और बहुपक्षीय संस्थानों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यूक्रेन संकट और कोविड-19 महामारी के संदर्भ में भी विश्वास की कमी के नकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस संदेश का उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को मजबूत करना और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर रचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है।
