पूर्व नॉर्वे के फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियन थोरस्टवेद्ट के अनुसार, आधुनिक फुटबॉल पहले से काफ़ी बदल गया है। उन्होंने बताया कि आज के खेल में शारीरिक क्षमता का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। खिलाड़ियों को अब पहले की तुलना में अधिक दमखम और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। थोरस्टवेद्ट का कहना है कि यह बदलाव खेल के स्वरूप को ही बदल रहा है। शारीरिक तैयारी पर अधिक ध्यान देने के कारण, खेल की गति और तीव्रता में भी वृद्धि हुई है। उनका मानना है कि यह बदलाव आधुनिक फुटबॉल की एक महत्वपूर्ण विशेषता है और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप ढलना होगा। कुल मिलाकर, थोरस्टवेद्ट ने खेल में शारीरिक पहलुओं के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया है।