एक अनुभवी मैकेनिक, जुआनजो Jiménez का कहना है कि आजकल वाहन मालिक अपनी गाड़ियों का इंजन ऑयल बदलने में देरी कर रहे हैं, जिससे इंजन को नुकसान पहुँच रहा है। उनका मानना है कि पहले हर 10,000 किलोमीटर पर तेल बदला जाता था, लेकिन अब वाहन मालिक ज़्यादा दूरी तय करने के बाद तेल बदलते हैं। Jiménez के अनुसार, आधुनिक इंजनों की तकनीक में बदलाव के कारण ऐसा संभव हुआ है, लेकिन तेल बदलने की उचित समय-सीमा का पालन करना ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि तेल की गुणवत्ता और इंजन की ज़रूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। तेल बदलने में देरी से इंजन के पुर्जों पर घर्षण बढ़ता है और इंजन की उम्र कम हो जाती है। वाहन मालिकों को नियमित रूप से तेल बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि इंजन को स्वस्थ रखा जा सके।
