यह लेख आधुनिक मोरक्को में एक नए प्रकार के ‘बरकत’ या आशीर्वाद की खोज पर प्रकाश डालता है। पुराने समय में, बरकत के लिए अंधेरी गुफाओं और दादी-नानी की कहानियों की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब लोग स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। लोग लाइव स्ट्रीम करते हैं, ‘लाइक’ और ‘शेयर’ मांगते हैं, और ‘बरकत’ की घंटी बजाने के लिए कहते हैं। एक नया ‘वली’ हर सुबह सफेद रंग के वस्त्र पहने हुए प्रकट होता है। यह लेख इस बात पर सवाल उठाता है कि कैसे प्रौद्योगिकी पारंपरिक मान्यताओं और आध्यात्मिक प्रथाओं को बदल रही है, और क्या यह डिजिटल युग में सच्ची श्रद्धा है या सिर्फ एक दिखावा। यह ‘डिजिटल सूफीवाद’ और आधुनिक अंधविश्वास के उदय का संकेत देता है।