सांसद योसी ताइव ने अटॉर्नी जनरल के एक फैसले पर तीखी आलोचना करते हुए उसे ‘अतिवादी और असंगत’ बताया है। यह फैसला रब्बी उवादिया योसेफ की पुण्यतिथि को मनाने के लिए आयोजित एक सभा को रद्द करने से संबंधित है, जिसके पीछे चुनाव प्रचार के आरोप थे। ताइव का कहना है कि यदि अटॉर्नी जनरल चुनावी प्रचार के आरोपों के आधार पर कार्यक्रम रद्द कर सकती हैं, तो उन्हें रबिन की स्मृति से जुड़े कार्यक्रमों पर भी विचार करना चाहिए। इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है और बहस का विषय बन गई है। ताइव ने अटॉर्नी जनरल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक विचारों की अभिव्यक्ति से जुड़े सवालों को जन्म देता है। रब्बी उवादिया योसेफ एक प्रभावशाली धार्मिक नेता थे और उनकी पुण्यतिथि का स्मरण महत्वपूर्ण माना जाता है।