बर्लिन स्थित पिल्स्की संस्थान की प्रमुख हन्ना राडज़िएजोव्स्का ने 'डेर स्पीगेल' पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि जर्मनी में जर्मनों द्वारा मारे गए दसियों हज़ार पोलिश नागरिकों के अवशेष अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने इस मामले की गहन जांच और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर बल दिया है। राडज़िएजोव्स्का के अनुसार, यह जर्मनी में 'स्मृति संस्कृति' में एक क्रांति लाने का समय है। उनका कहना है कि पीड़ितों की पहचान और उनके अवशेषों की खोज महत्वपूर्ण है। यह मुद्दा जर्मनी और पोलैंड के बीच संबंधों में एक संवेदनशील विषय है। राडज़िएजोव्स्का ने इस मामले में पारदर्शिता और सहयोग की अपील की है ताकि पीड़ितों को उचित सम्मान मिल सके और इतिहास की सच्चाई सामने आ सके। यह खोज द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई घटनाओं की पूरी तस्वीर सामने लाने में मदद करेगी।
