पिछले पांच वर्षों में, संघीय पुलिस (Bundespolizei) और संघीय अपराध जांच कार्यालय (BKA) में बार-बार बंदूकें गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने सटीक संख्या बताने से इनकार कर दिया है, और "राज्य हित" के कारणों का हवाला दिया है। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के भीतर हथियारों के प्रबंधन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप दर्जनों अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई हैं, लेकिन पारदर्शिता की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। आलोचकों का तर्क है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राज्य के हथियार कैसे खो रहे हैं और इसे रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित जोखिम को उजागर करता है और पुलिस बलों में आंतरिक नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर देता है। अधिकारियों पर जानकारी सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ रहा है ताकि जनता का विश्वास बहाल किया जा सके।