संसद में सरकार के सदस्यों से सवाल-जवाब का दौर शुरू होगा। विपक्षी दलों ने विदेश मंत्री पेट्र मैकिंका से राष्ट्रपति पेट्र पावेल की नाटो शिखर सम्मेलन में भागीदारी को लेकर उनकी हालिया टिप्पणियों पर सवाल उठाने का फैसला किया है। यह सवाल-जवाब उस अंतरिम आदेश के बाद उठाया जा रहा है जो संवैधानिक न्यायालय ने जारी किया है, जिसमें सरकार को राष्ट्रपति पावेल की तुर्की के अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विपक्ष मैकिंका से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगेगा। यह घटनाक्रम संवैधानिक अधिकारों और सरकार की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को जन्म देता है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा संसद में गरमाहट ला सकता है। सरकार पर अब अपनी रणनीति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ेगा।
