विदेश व्यापार मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्समा ने प्रथम सदन (Eerste Kamer) में अपने बजट को पारित कराने के लिए किए गए एक गुप्त समझौते के बारे में संसद के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। संसद सदस्यों के लगातार दबाव के बावजूद, मंत्री ने समझौते की शर्तों या विवरणों का खुलासा नहीं किया। विपक्ष ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है और पारदर्शिता की मांग की है। स्जोर्ड्समा का कहना है कि वह समझौते के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि यह गोपनीय है। इस रहस्यमयता ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को जन्म दे दिया है। आलोचकों का तर्क है कि यह समझौता लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है। इस मुद्दे पर आगे भी बहस होने की संभावना है।