सामाजिक एवं स्वास्थ्य मंत्री विले रिडमैन ने सामाजिक कार्य अनुसंधान के लिए आवंटित निधि में भारी कटौती की है। उन्होंने विभागीय प्रस्ताव और विशेषज्ञों के मूल्यांकन को अनदेखा करते हुए यह निर्णय लिया है। मंत्री का कहना है कि यह कटौती देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आवश्यक है। इस कटौती से सामाजिक कार्य के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य प्रभावित होने की आशंका है। विशेषज्ञों ने इस फैसले पर चिंता व्यक्त की है, क्योंकि यह नीति निर्माण और सामाजिक सेवाओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। रिडमैन के इस कदम को लेकर विपक्ष ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह कटौती सरकार की प्राथमिकताओं और सामाजिक क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है।