गृहमंत्री सलाहउद्दीन अहमद ने प्रधानमंत्री के समक्ष কক্সবাজার के पाताली খাল पुनर्খনन कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में स्थानीय भाषा में भाषण दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से शुद्ध भाषा में बात करने पर उन्हें स्वयं को बाहरी महसूस होता है। गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने जानबूझकर स्थानीय भाषा का प्रयोग किया क्योंकि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि यह अधिक उपयुक्त है। उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए स्थानीय भाषा का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इस घटना ने भाषाई पहचान और क्षेत्रीय संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला है। गृहमंत्री के इस बयान ने स्थानीय समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। यह घटना भाषाई विविधता और समावेशिता के विषय पर भी बहस को जन्म दे सकती है।