1980 और 1990 के दशक में पैदा हुए लोगों का बचपन आज के समय से बहुत अलग था। उस दौर में बच्चों के जीवन में ऐसी कई बातें थीं जो आज संभव नहीं हैं और जिनके बारे में सोचकर भी गुस्सा आता है। फिर भी, कई मिलेनियल्स उस दौर को याद करते हैं और उसे तरसते हैं। एक सर्वेक्षण में, ‘राइस’ नामक एक व्यक्ति ने बताया कि वे उस समय बच गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने सोचा कि इसकी कीमत क्या थी। यह सर्वेक्षण मिलेनियल्स की बचपन की यादों पर केंद्रित था, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया। यह दर्शाता है कि कैसे समय के साथ बचपन के अनुभव बदल गए हैं और पुरानी यादें कितनी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। यह भी उजागर करता है कि अतीत में बच्चों को जिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, उनके बारे में आज के दौर में पुनर्विचार करना आवश्यक है।