रक्षा मंत्रालय में पूर्व सेना मामलों के निदेशक डॉ. हसन अब्दुल्लाही ने हाल की सुरक्षा घटनाओं के संदर्भ में कहा है कि पूर्व सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल तुकुर युसुफ बुरातई (सेवानिवृत्त) का यह दृष्टिकोण सही साबित हुआ है कि केवल सैन्य कार्रवाई से नाइजीरिया की असुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। डॉ. अब्दुल्लाही ने एक विश्लेषण में कहा कि देश में व्याप्त असुरक्षा को हल करने के लिए सैन्य समाधान पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है जिसमें सैन्य और गैर-सैन्य दोनों उपाय शामिल हों। बुरातई ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि नाइजीरिया की सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों पर ध्यान देना आवश्यक है। हाल की घटनाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि केवल सैन्य कार्रवाई से स्थिति में सुधार नहीं हो सकता। डॉ. अब्दुल्लाही के अनुसार, बुरातई की चेतावनियाँ अब वास्तविकता में बदल गई हैं, और सरकार को एक समग्र सुरक्षा रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।