मिलफोर्ड एफसी को बेटवे प्रीमियरशिप में पदोन्नति दिलाने वाले कोच और चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ज़ांती पुपुमा के लिए अब एक कठिन चुनौती सामने है। उन्होंने स्वीकार किया है कि प्रीमियरशिप की उच्च स्तरीय मांगों के कारण उन्हें अपनी दोहरी भूमिका - कोच और डॉक्टर - को जारी रखने में कठिनाई हो सकती है। मिलफोर्ड ने माजेसी के खिलाफ नाटकीय ड्रॉ के साथ यह सफलता हासिल की। डॉ. पुपुमा को अब यह तय करना है कि वह दोनों करियर को कैसे संतुलित करेंगे या किसी एक को छोड़ना होगा। यह पदोन्नति क्लब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन डॉ. पुपुमा के लिए व्यक्तिगत स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय आ गया है। उनकी विशेषज्ञता टीम के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रीमियरशिप में सफलता के लिए पूर्णकालिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस स्थिति से कैसे निपटते हैं।