सेउता सीमा पर पिछले कुछ दिनों में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। वहां मरने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर कम से कम 67 हो गई है। इस दुखद घटना ने पूरे यूरोप में एक गंभीर मानवीय संकट खड़ा कर दिया है। इस घटना के बाद यूरोपीय देशों के बीच तीव्र राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई संगठन और नेता इस स्थिति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। प्रवासियों की वापसी और उनकी सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के सवालों को उठाती है। अब इस मामले पर कड़े राजनीतिक समाधान की मांग की जा रही है।