अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अफ्रीका विभाग के निदेशक ज़ैन ज़ैदान ने सोमवार को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के आर्थिक परिणाम अफ्रीका के लिए गंभीर चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट के कारण क्षेत्र एक नाजुक स्थिति में प्रवेश कर गया है। ज़ैदान के अनुसार, खाड़ी देशों द्वारा ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि में महीनों का समय लग सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होगा। IMF का मानना है कि इससे अफ्रीका में आर्थिक विकास धीमा हो सकता है और वित्तीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। ज़ैदान ने वाशिंगटन में पत्रकारों को यह जानकारी दी। यह स्थिति अफ्रीका के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, क्योंकि यह पहले से ही कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।