अंतरिम सरकार के सलाहकार মাহফুজ আলম ने फेसबुक पोस्ट में जुलाई-अगस्त के जन आंदोलन में मध्यवर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यवर्ग की भागीदारी के बिना जुलाई में एक बड़ी 'शাপला' जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। 'शাপला' का संदर्भ 2013 के शापला चौक प्रदर्शन की ओर इशारा करता है, जो एक हिंसक दमन में समाप्त हुआ था। আলম ने देश की वर्तमान राजनीतिक वास्तविकता और मध्यवर्ग के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने मध्यवर्ग की सक्रिय भागीदारी को आंदोलन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। यह टिप्पणी शुक्रवार (19 जून) को फेसबुक पर साझा की गई थी। यह बयान देश में राजनीतिक स्थिरता और नागरिक समाज की भूमिका पर बहस को जन्म दे सकता है।
