इंडोनेशिया में गैर-सब्सिडी वाले ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। रुपये के कमजोर होने के बीच, पर्तामैक्स (Pertamax) की कीमत बढ़कर 16,250 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यम वर्ग इस मूल्य वृद्धि से सबसे अधिक प्रभावित होगा क्योंकि वे सब्सिडी वाले ईंधन तक पहुँच से वंचित हैं। यह मूल्य वृद्धि घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। सरकार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि को वैश्विक तेल की कीमतों और रुपये के विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण उचित ठहराया है। इस फैसले से आम नागरिकों के जीवन यापन की लागत में वृद्धि होने की आशंका है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर सकती है।