अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आने से लिवर को नुकसान हो सकता है। अध्ययन के अनुसार, माइक्रोप्लास्टिक, विशेष रूप से पॉलीइथिलीन, फैटी लीवर रोग को बढ़ा सकता है। लिवर की कोशिकाएं माइक्रोप्लास्टिक के प्रति तनाव महसूस करती हैं जिससे लिवर में वसा जमा होने लगता है। यह खोज पर्यावरण में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में चिंता बढ़ाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन यह समझने में महत्वपूर्ण है कि कैसे माइक्रोप्लास्टिक मानव शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। इस मुद्दे पर आगे शोध की आवश्यकता है ताकि माइक्रोप्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों को कम किया जा सके। यह निष्कर्ष लिवर के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।