मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने बताया है कि उनके पूर्ववर्ती आंद्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्राडोर (एएमएलओ) को ‘मायो’ ज़म्बाडा नामक नशीले पदार्थों के सरगना से ज़्यादा संयुक्त राज्य अमेरिका के हस्तक्षेप की चिंता थी। शीनबाउम ने कहा कि एएमएलओ ने उन्हें संक्रमण काल के दौरान एक ऑपरेशन के बारे में संदेह व्यक्त किए थे और बिना मेक्सिको को सूचित किए अमेरिकी एजेंसियों के संभावित हस्तक्षेप की आशंका जताई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एएमएलओ की मुख्य चिंता अमेरिकी हस्तक्षेप को लेकर थी, न कि ज़म्बाडा को लेकर। यह खुलासा मेक्सिको और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग और संप्रभुता के मुद्दों पर चल रही बहस के बीच आया है। शीनबाउम के बयान से यह संकेत मिलता है कि एएमएलओ प्रशासन ने अमेरिकी कार्रवाइयों को लेकर संवेदनशीलता दिखाई थी। यह जानकारी मेक्सिको की आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।