जानीस और माल्डो ने एक कार्यक्रम पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसने उनके काम का उपयोग किया और उनकी सहमति के बिना उनकी आवाजों में बदलाव किया। उन्होंने खेद जताया कि 2026 में भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जहाँ महिला कलाकारों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। यह मामला कॉपीराइट उल्लंघन और रचनात्मक कार्यों के प्रति अनादर का स्पष्ट उदाहरण है। दोनों कलाकारों ने इस व्यवहार की निंदा की है और ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के कार्यों से कलाकारों का मनोबल गिरता है और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में बाधा उत्पन्न होती है। यह घटना मीडिया उद्योग में सामग्री स्वामित्व और कलाकारों के अधिकारों पर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती है। वे चाहती हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।