मेक्सिको के एक अभिनेता, जो ‘ला रोसा डे गुआडलूप’ में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं, ने ल्यूकेमिया से अपनी लड़ाई में ‘पुनर्जीवन न करने’ का आदेश दिया है। उन्होंने ‘ऑर्थोटनेशिया’ का अनुरोध किया है, जिसका अर्थ है कि बीमारी को स्वाभाविक रूप से, यथासंभव आराम और दर्द रहित तरीके से आगे बढ़ने दिया जाए। यह निर्णय अभिनेता के व्यक्तिगत अधिकारों और इच्छानुसार जीवन के अंत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि वे चिकित्सा हस्तक्षेप के बिना अपनी बीमारी के स्वाभाविक अंत को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। यह मामला इच्छामृत्यु और रोगी के स्वायत्तता से संबंधित महत्वपूर्ण नैतिक और कानूनी बहस को जन्म देता है। अभिनेता का यह कदम उनके जीवन के अंतिम दिनों को गरिमा और शांति से बिताने की इच्छा को दर्शाता है। इस निर्णय का सम्मान किया गया है और अभिनेता को आरामदायक और दर्द रहित देखभाल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।