मेट्रो मनीला में लगातार हो रही बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए प्रोजेक्ट नोआह के महार लगमाय ने प्रकृति-आधारित समाधानों का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि केवल बारिश ही बाढ़ का एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि अन्य कारक भी इसमें योगदान करते हैं। इन समाधानों में प्राकृतिक जल निकासी प्रणालियों को बहाल करना और बढ़ाना शामिल है, जैसे कि नदियों और झीलों को पुनर्जीवित करना। इसके अतिरिक्त, पारगम्य सतहों का उपयोग करना और हरित बुनियादी ढांचे का निर्माण करना भी महत्वपूर्ण है। ये उपाय वर्षा जल के अवशोषण को बढ़ाकर बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। लगमाय का कहना है कि इन दीर्घकालिक समाधानों को लागू करने से मेट्रो मनीला को बाढ़ से बचाने में काफी मदद मिलेगी। यह शहर की बेहतर जल प्रबंधन प्रणाली की ओर एक महत्वपूर्ण कदम होगा।