डेमोक्रेटिक पार्टी के अटॉर्नी जनरल राऊल टोरेस ने मेटा पर आरोप लगाया था कि कंपनी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम को जानबूझकर इस तरह बनाया है कि बच्चे और किशोर इन प्लेटफॉर्म के आदी हो जाएं। अदालत ने इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए मेटा पर 57 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह फैसला बच्चों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ने के बीच आया है। अदालत का कहना है कि मेटा ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी और लाभ कमाने के लिए उन्हें प्लेटफॉर्म पर बांधे रखने की रणनीति अपनाई। इस जुर्माने से मेटा को भविष्य में बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। यह मामला सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अदालत के इस फैसले का अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर भी असर पड़ सकता है।