मर्सोसूर के सदस्य देश अभी तक यूरोपीय संघ को निर्यात कोटा के वितरण पर किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए हैं। चांसलरी ने पुष्टि की है कि प्रत्येक देश को कितना प्रतिशत कोटा मिलेगा, इसे निर्धारित करने की कार्यप्रणाली पर सहमति नहीं बन पाई है। यह मुद्दा मर्सोसूर के भीतर महत्वपूर्ण बहस का विषय रहा है, क्योंकि प्रत्येक देश अपनी आर्थिक जरूरतों और निर्यात क्षमताओं के अनुसार कोटा चाहता है। इस समझौते में देरी से यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते में और विलम्ब हो सकता है। बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी पक्ष एक समझौते पर पहुँच जाएँगे, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार सम्बन्ध मजबूत होंगे। इस मामले में आगे की बातचीत के लिए एक नई बैठक निर्धारित की जा सकती है।