विशेषज्ञों और अधिवक्ताओं ने पुरुषों और लड़कों में आत्महत्या की बढ़ती दर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस समस्या के पीछे के कारकों पर पुनर्विचार करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष अक्सर ऐसी परिस्थितियों से गुजरते हैं जहाँ उन्हें विशेष मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत होती है। वर्तमान सहायता प्रणालियाँ उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए, स्थितिजन्य संकट का सामना कर रहे पुरुषों के लिए अनुकूलित सहायता सेवाओं की मांग की गई है। यह कदम मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समर्थन से इस गंभीर समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
