1968 में साइगॉन के प्रवेश द्वार पर हुए ‘चू वाई’ पुल की लड़ाई की यादें पूर्व सैनिक बुई वान सुउ के मन में आज भी ताजा हैं। लगभग छह दशक बाद भी उन्हें हेलीकॉप्टरों की आवाज़, जलती हुई इमारतें और अपने साथियों के गिरने की छवियाँ याद हैं। यह लड़ाई वियतनाम युद्ध के दौरान एक महत्वपूर्ण क्षण था। सुउ ने उस समय की भयावहता और युद्ध के प्रभाव को व्यक्त किया। उनकी यादें युद्ध की वास्तविकता और सैनिकों के बलिदानों की एक मार्मिक झलक प्रदान करती हैं। यह स्मरण हमें युद्ध की विभीषिका और शांति की आवश्यकता की याद दिलाता है। सुउ की कहानी युद्ध के भूले हुए पन्नों को फिर से जीवंत करती है।

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