सन्नी इसोमेट्सा की पहली पुस्तक, ‘कतोamisकर्टोमुस’ (Katoamiskertomus), मृत्यु के अनुभव को बेहद संवेदनशील और व्यक्तिगत ढंग से प्रस्तुत करती है। यह आत्मकथात्मक कृति उनके पति के निधन के बाद के जीवन और भावनाओं पर केंद्रित है। लेखिका ने मृत्यु के विषय को साहसपूर्वक और ईमानदारी से छुआ है, जो पाठकों को गहराई से प्रभावित करता है। समीक्षकों ने इस पुस्तक की भाषा और शैली की प्रशंसा की है, इसे एक असाधारण कृति बताया है। यह पुस्तक न केवल व्यक्तिगत दुःख की कहानी है, बल्कि जीवन और हानि के सार्वभौमिक विषयों पर भी विचार करती है। ‘कतोamisकर्टोमुस’ मृत्यु के शोक से उबरने और जीवन को आगे बढ़ाने की एक प्रेरणादायक कहानी है। यह कृति फिनलैंड में साहित्य जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।