मेलबर्न विश्वविद्यालय के शिक्षाविदों ने पश्चिमी सभ्यता केंद्र द्वारा दी जाने वाली ३५ मिलियन डॉलर की छात्रवृत्ति कार्यक्रम के विश्वविद्यालय समर्थित प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है। यह केंद्र विवादास्पद माना जाता है, और इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम पर विश्वविद्यालय में बहस छिड़ गई है। शिक्षाविदों का तर्क है कि दान तटस्थ नहीं होता और इससे पाठ्यक्रम पर प्रभाव पड़ सकता है। कुछ लोगों को चिंता है कि यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम पश्चिमी सभ्यता के एक विशेष दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मुद्दे पर शिक्षाविदों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और बाहरी फंडिंग के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों को दर्शाता है। इस मामले ने शैक्षणिक स्वतंत्रता और फिलanthropy के प्रभाव पर व्यापक बहस को जन्म दिया है।