भूमध्य सागर एक गंभीर पारिस्थितिकीय संकट का सामना कर रहा है। लगभग एक हजार विदेशी प्रजातियाँ पहले ही इस क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी हैं, जिनमें से सैकड़ों स्थापित हो चुकी हैं। ये आक्रमणकारी प्रजातियाँ स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र को नष्ट कर रही हैं और समुद्री जीवन के संतुलन को बिगाड़ रही हैं। इस स्थिति से भूमध्य सागर के पारंपरिक मछली पकड़ने के उद्योग पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों की आजीविका प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिशा में तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है, अन्यथा स्थिति और बिगड़ सकती है। यह संकट जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण और भी जटिल हो गया है। अब इस स्थिति को पलटना बेहद मुश्किल है।