चिकित्सा संकाय ने संसद में ऊर्जा पेय पदार्थों की बिक्री को सीमित करने को 'तर्कसंगत' बताया है। डीन ने जोर देकर कहा कि ये पेय पदार्थ नींद की कमी को पूरा नहीं करते और न ही विकासशील ऊतकों का निर्माण या मरम्मत करते हैं। उन्होंने इस पेय को माटे और कॉफी से अलग बताया। यह बयान स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण उठाया गया है। संकाय का मानना है कि ऊर्जा पेय पदार्थों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, इसलिए इनकी बिक्री पर नियंत्रण आवश्यक है। संसद में इस विषय पर बहस चल रही है, और आगे क्या होता है यह देखना होगा। इस मामले में माटे और कॉफी को अलग श्रेणी में रखा गया है।