पेशेवर संगठन के निदेशक मंडल ने अगस्त से चिकित्सकों के प्रत्येक परामर्श पर 170 डॉलर का कर लगाने के अपने पहले के फैसले को बरकरार रखा है। यह निर्णय मई में लिया गया था और अब इसे लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। इस कर का उद्देश्य चिकित्सकों द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रत्येक चिकित्सा सेवा पर लगाया जाएगा, जिसका रिकॉर्ड रोगी के मेडिकल इतिहास में दर्ज किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह कदम आवश्यक है, लेकिन सरकार इस फैसले का विरोध कर रही है। इस मुद्दे पर सरकार और पेशेवर संगठन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। माना जा रहा है कि सरकार इस कर को लागू करने से रोकने के लिए हस्तक्षेप कर सकती है। इस फैसले से मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।
